जबलपुर। स्कूल वाहनों पर पुलिस और आरटीओ की कार्रवाई के विरोध में स्कूल वाहन चालक संघ ने मंगलवार को हड़ताल की। इसके चलते स्कूल आने-जाने के लिए इन वाहनों पर निर्भर बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूल वाहन चालक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यातायात विभाग ने हाल में कार्रवाई करते हुए कई स्कूल वाहनों को जब्त किया है। चालकों के अनुसार वे लंबे समय से अपने निजी वाहनों से बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने का काम कर रहे हैं और इसी से उनके परिवार की रोजी-रोटी चलती है।
संघ के सचिव धनराज पटेल और उपाध्यक्ष अमित राजपूत के नेतृत्व में चालक पहले आरटीओ कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों से चर्चा के बाद उन्हें कलेक्टर से मिलने की सलाह दी गई। इसके बाद मंगलवार को चालक सदर पेंटीनाका चौक पर एकत्र हुए और अपनी समस्याओं पर चर्चा करने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे।
नियम मानने को तैयार, कार्रवाई से राहत की मांग
चालकों ने कहा कि वे स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि अचानक हुई कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक आर्थिक परेशानी में आ गए हैं। उन्होंने कलेक्टर से जब्त वाहनों के मामले में राहत देने और नियमों के तहत वाहन चलाने का रास्ता आसान करने की मांग की।
चालकों की प्रमुख मांगें
संघ ने निजी वैन और ईको वाहनों को व्यावसायिक वाहनों में बदलने के लिए विशेष शिविर लगाने की मांग की है। इसके साथ ही अधिकृत विक्रेताओं से सीएनजी किट लगे वाहनों को स्कूली परिवहन की अनुमति देने की मांग भी रखी गई है।
चालकों ने परमिट, फिटनेस, बीमा और टैक्स से जुड़े खर्चों में राहत देने, बच्चों के बैग रखने के लिए कैरियर लगाने की अनुमति देने और नियमों के खिलाफ बच्चों को ले जाने वाले ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए विशेष शिविर लगाने और सभी स्कूल वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन कराने की मांग भी संघ ने रखी है।