जबलपुर। शहर में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 45 पीएम ई-बसों समेत 55 अन्य बसों का संचालन किया जा रहा है। इससे शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आने-जाने की सुविधा बढ़ी है, लेकिन बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों की परेशानी अभी भी बनी हुई है।
शहर के करीब 200 बस स्टॉप कई जगह गंदगी, अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं से घिरे हुए हैं। घमापुर, रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट, बल्देवबाग और नौदरा ब्रिज जैसे प्रमुख स्थानों पर बने बस स्टॉप पर यात्रियों के लिए बैठने तक की ठीक व्यवस्था नहीं है। कई लोग सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं।
इन बस स्टॉप का रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और आम नागरिक इस्तेमाल करते हैं। यात्रियों का कहना है कि जब शहर में बस सेवा को आधुनिक बनाया जा रहा है तो बस स्टॉप की हालत सुधारने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। सफाई, बैठने की सुविधा और अतिक्रमण हटाने जैसी जरूरी व्यवस्थाएं कई जगह दिखाई नहीं देतीं।
पहले बने, फिर नए बस स्टॉप भी बदहाल
शहर में मेट्रो बस सेवा शुरू होने के समय करीब 14 साल पहले लगभग 200 बस स्टॉप बनाए गए थे। समय के साथ रखरखाव नहीं होने से इनमें से कई बस स्टॉप खराब हो गए। इसके बाद स्मार्ट सिटी के माध्यम से पीपीपी मॉडल पर नए बस स्टॉप बनाए गए।
नए बस स्टॉप तैयार होने के बावजूद कई जगह स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं आया। अधिकांश स्थानों से रेलिंग गायब हो चुकी हैं। कई बस स्टॉप के आसपास वाहन खड़े रहते हैं, जबकि कुछ जगह अतिक्रमण के कारण यात्रियों के लिए जगह ही नहीं बची है। कुछ बस स्टॉप का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए भी होने लगा है।
हाल ही में करीब 15-15 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए कुछ नए बस स्टॉप भी रखरखाव की कमी से प्रभावित नजर आ रहे हैं। ऐसे में बस सेवा को बेहतर बनाने के साथ बस स्टॉप की नियमित देखरेख की जरूरत भी सामने आ रही है।
शहर के कई हिस्सों तक पहुंच रही बसें
शहर में बसों का संचालन मदर टेरेसा नगर, घाना, आईटीआई, दीनदयाल बस स्टैंड, विजय नगर, बल्देवबाग, रानीताल, तीन पत्ती, नौदरा ब्रिज, घंटाघर, कलेक्ट्रेट, रेलवे स्टेशन, हाई कोर्ट, घमापुर, कंचघर, गोकलपुर, रांझी और खमरिया सहित कई क्षेत्रों में किया जा रहा है।
इसके अलावा आईएसबीटी, दमोह नाका, मदन महल, प्रेमनगर, मेडिकल, शारदा चौक, त्रिपुरी चौक, धनवंतरी नगर, तेवर, भेड़ाघाट चौक, धुआंधार और आसपास के क्षेत्रों तक भी बस सेवा पहुंच रही है। बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टॉप की व्यवस्था सुधारना भी जरूरी हो गया है।
