जबलपुर। ऑनलाइन ठगी करने वालों ने अलग-अलग तरीकों से शहर के तीन लोगों को अपना निशाना बनाया। कहीं पेंशनर कार्ड बनवाने के नाम पर बैंक खाते से रकम निकाल ली गई, तो कहीं ऑनलाइन नौकरी का झांसा देकर पैसे जमा कराए गए। एक मामले में महिला के खाते से बिना जानकारी के रकम ट्रांसफर कर दी गई। तीनों मामलों में कुल 4 लाख 46 हजार 249 रुपये की ठगी सामने आई है। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पेंशनर कार्ड के नाम पर खाते से उड़ाए 3.80 लाख
कोतवाली थाना क्षेत्र के जानकी नगर निवासी विजय तिवारी (76) इंदौर के कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने मोबाइल पर सीनियर सिटीजन पेंशनर कार्ड से जुड़ा विज्ञापन देखा था। इसके बाद उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को पेंशनर कार्ड यूनिट से जुड़ा बताते हुए कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।
बातचीत के दौरान आरोपी ने विजय तिवारी को फोन पर व्यस्त रखा। अगले दिन एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे तो खाते में पर्याप्त रकम नहीं थी। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि 12 और 13 सितंबर के बीच कई लेन-देन के जरिए 3.80 लाख रुपये खाते से निकाले गए हैं।
ऑनलाइन डाटा एंट्री के काम का झांसा देकर 31 हजार लिए
कोतवाली क्षेत्र के चेरीताल निवासी निशा रैदास (24) ने ऑनलाइन डाटा एंट्री की नौकरी के लिए आवेदन किया था। उसे 800 डाटा एंट्री का काम देने और इसके बदले 32 हजार रुपये मिलने की बात कही गई।
इसके बाद आरोपियों ने डाटा में गलती और मोबाइल से लॉगिन करने के नाम पर अलग-अलग शुल्क मांगे। निशा ने 14 और 17 अगस्त को तीन बार यूपीआई के जरिए 31 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद भी जब और रकम मांगी गई तो उसे ठगी का शक हुआ।
खाते से बिना जानकारी के निकले 35,249 रुपये
अधारताल थाना क्षेत्र के कंचनपुर निवासी सुजाता विश्वकर्मा अपनी बेटी की स्कूल फीस जमा करने वाली थीं। 16 सितंबर को उन्होंने खाते का बैलेंस देखा तो उसमें सिर्फ 386 रुपये थे। जांच करने पर पता चला कि खाते से 35 हजार 249 रुपये किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रांसफर कर लिए हैं।
पुलिस ने तीनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। अब पुलिस लेन-देन और आरोपियों से जुड़े सुरागों की जांच कर रही है।