धान खरीदी और समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग
किसानों ने धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग रखी है। इसके साथ ही प्रति एकड़ अधिकतम 25 क्विंटल धान खरीदी की सीमा तय करने और मंडियों में समर्थन मूल्य से कम दर पर बोली नहीं लगाने की मांग की गई। किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्रों से जुड़े वेयरहाउसों को पहले खाली कराया जाए, ताकि नई फसल के भंडारण में परेशानी न हो।
नकली बीज और कंपनियों पर कार्रवाई की मांग
किसानों ने हाइब्रिड बीज कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि कुछ कंपनियां बीजों को बी.एल.बी. और बी.पी.एच. रोग से बचाव वाला बताकर बेचती हैं, लेकिन फसल खराब होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने ऐसे मामलों की जांच कर जिम्मेदार कंपनियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
शहपुरा में व्यापारियों से भुगतान दिलाने की मांग
शहपुरा क्षेत्र में किसानों से उपज खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने वाले व्यापारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने संबंधित व्यापारियों की गिरफ्तारी के साथ उनकी बकाया राशि किसानों को दिलाने की अपील प्रशासन से की है।
पराली जलाने की कार्रवाई रोकने की अपील
किसानों ने कहा कि जब तक पराली के निपटारे के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक किसानों के खिलाफ एफआईआर और नोटिस की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इसके अलावा राजस्व से जुड़े मामलों का तय समय सीमा में निराकरण करने और किसान खेत सड़क योजना को जल्द शुरू करने की मांग भी रखी गई।
मंडियों में फर्जी बिक्री रोकने की मांग
किसानों ने मंडियों में होने वाले कथित फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि बिचौलियों द्वारा किसानों के नाम पर उपज बेचने की शिकायतों को रोकने के लिए आधार कार्ड और किसान की फोटो स्कैन करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
बिजली व्यवस्था सुधारने पर भी जोर
कृषि क्षेत्र में बिजली की समस्या को लेकर किसानों ने मझौली के रानीताल कटाव सबस्टेशन का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कर उसे जल्द चालू करने की मांग की। किसानों ने दिन में 12 घंटे कृषि बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। वहीं, सिहोरा तहसील में अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों को बदलने की अपील की गई है।
किसानों ने प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द कार्रवाई करने और समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान कराने की मांग की है।