जबलपुर। नगर निगम के राजस्व विभाग के सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण शहर के कई लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जिन लोगों ने कई साल पहले अपने नल कनेक्शन स्थायी रूप से बंद करा दिए थे, उनके नाम से दोबारा पानी के बिल जारी हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि करीब तीन साल पहले नगर निगम के सॉफ्टवेयर में साइबर सेंधमारी के बाद उसका डेटा प्रभावित हुआ था। डेटा को दोबारा व्यवस्थित करने के दौरान जल शुल्क की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। इसी दौरान वॉटर मॉड्यूल में गड़बड़ी होने से पुराने बंद कनेक्शन फिर से सक्रिय हो गए।
बंद कनेक्शन पर हजारों के बिल
सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड बदलने के कारण ऐसे लोगों के नाम पर भी हजारों रुपये के पानी के बिल पहुंच रहे हैं, जिनके घरों में लंबे समय से पानी का कनेक्शन बंद है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने कनेक्शन बंद कराने के लिए पहले ही आवेदन दिया था।
बिल मिलने के बाद लोग नगर निगम के जोन कार्यालयों में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि जब घर में पानी का कनेक्शन ही नहीं है तो पानी का बिल किस आधार पर जारी किया जा रहा है।
जहां कभी कनेक्शन नहीं था, वहां भी बिल
कुछ ऐसे परिवारों को भी पानी के बिल भेजे गए हैं, जिनके घरों में कभी नल कनेक्शन लगा ही नहीं। ऐसे परिवार लंबे समय से सार्वजनिक नल या हैंडपंप से पानी लेते आ रहे हैं।
नागरिकों का आरोप है कि बिल जारी करने से पहले मौके पर जांच नहीं की गई। सॉफ्टवेयर की गलती का खामियाजा अब आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने नगर निगम से रिकॉर्ड की जांच कर गलत बिलों को तुरंत सुधारने और बिना कनेक्शन वाले लोगों को भेजे गए बिल निरस्त करने की मांग की है।