धर्म डेस्क। भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन मास की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना शिव आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ के साथ-साथ सात्विक जीवनशैली, संयम और अच्छे आचरण का विशेष महत्व होता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सावन में नियमित रूप से शिवलिंग का जलाभिषेक करने, बेलपत्र अर्पित करने, 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने और शिव पुराण का पाठ करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सावन के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखकर रुद्राभिषेक करने और जरूरतमंदों को भोजन, फल या सफेद वस्तुओं का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है।
सावन में करें ये काम
- प्रतिदिन शिवलिंग पर जल और गंगाजल से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, भांग, धतूरा और आक के फूल अर्पित करें।
- सावन सोमवार का व्रत रखें और रुद्राभिषेक कराएं।
- 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप करें।
- शिव पुराण का पाठ करें और जरूरतमंदों को दान दें।
- मंदिर में सेवा या श्रमदान करें।
भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां
- लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा और बैंगन जैसे तामसिक भोजन का सेवन न करें।
- क्रोध, अपशब्द और घर में विवाद से बचें।
- शिवलिंग पर तुलसी, केतकी, केवड़ा, हल्दी, सिंदूर, कुमकुम या शंख से जल अर्पित न करें।
- पूजा में दिखावा या लापरवाही न करें, सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भगवान शिव की आराधना करें।
धार्मिक मान्यता है कि सावन में श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई शिव उपासना से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है।