मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सरकार का संयुक्त फैसला, अब महंगाई राहत के लिए लंबा इंतजार नहीं
जबलपुर। मध्यप्रदेश के लाखों पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49/6 के कारण पिछले 26 वर्षों से महंगाई राहत और परिवार पेंशन राहत को लेकर चली आ रही जटिलता अब समाप्त हो गई है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन ने 17 जुलाई 2026 को संयुक्त रूप से इस धारा को युक्तिसंगत बनाते हुए समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डीपी पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल से अब पेंशनर्स को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर समय पर महंगाई राहत मिल सकेगी। इस निर्णय के बाद राज्य के लाखों पेंशनर्स में खुशी की लहर है।
26 साल से चली आ रही परेशानी खत्म
फेडरेशन के अनुसार, वर्ष 2000 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों पर धारा 49/6 की गलत व्याख्या कर इसे लागू किया गया था। इसके चलते पेंशनर्स को महंगाई राहत के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता था।
अब इस व्यवस्था में बदलाव के बाद महंगाई भत्ता और महंगाई राहत के आदेश एक साथ जारी किए जा सकेंगे। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया सरल और तेज होगी तथा पेंशनर्स को समय पर लाभ मिल सकेगा।
ऊर्जा क्षेत्र के पेंशनर्स की पेंशन सुरक्षा की मांग
फेडरेशन के महामंत्री राकेश डीपी पाठक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाली बिजली कंपनियों के पेंशनर्स की पेंशन सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा लेने की मांग की है।
उन्होंने बिजली कंपनियों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूर्व में मिल रही बिजली बिल में राहत की सुविधा दोबारा शुरू करने की मांग भी की है। फेडरेशन का कहना है कि नियमित कर्मचारियों के समान पेंशनर्स को भी सुविधाएं और लाभ मिलने से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।
फेडरेशन के पदाधिकारियों लक्ष्मण सिंह राजपूत, खूबचंद शर्मा, एनके यादव, उमाशंकर मेहता, दिनेश दुबे, बीएस राठौर, सुरेश बाबू खरे, आरके कौशिक, अफसार अहमद, रामेश्वर गांगे, किशोर चौहान, सीताराम कुरचानिया, अनूप वर्मा, गोपाल चौहान, मदन वर्मा, कार्तिक शर्मा, बीपी पटेल, जीएल चौरसिया, जीएस खंडेलवाल, ओपी पांडे और केएस नामदेव ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।