कलेक्टर के फर्जी आदेश से सरकारी जमीन का नामांतरण कराने की कोशिश, आरोपी से 1.43 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली
जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे निजी नाम पर दर्ज कराने की कोशिश के मामले में एक पटवारी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर कलेक्टर के फर्जी आदेश के आधार पर सरकारी जमीन का नामांतरण कराने का प्रयास करने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सरकारी जमीन से जुड़े दस्तावेजों में कूटरचना कर उन्हें असली बताकर इस्तेमाल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आरोपियों की भूमिका सामने आई।
कलेक्टर के फर्जी आदेश से जमीन का नामांतरण कराने की कोशिश
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पटवारी ने कलेक्टर के नाम से जारी एक फर्जी आदेश तैयार किया। इस आदेश के आधार पर सरकारी जमीन को निजी व्यक्ति के नाम दर्ज कराने की कोशिश की गई। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव कराने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, मामले में दस्तावेजों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी के नाम पर मिली करोड़ों की संपत्ति
जांच एजेंसी ने आरोपी पटवारी की संपत्ति की भी जांच की। इस दौरान उसके नाम पर करीब 1 करोड़ 43 लाख 4800 रुपए की संपत्ति का पता चला है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी की संपत्ति उसकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है।
ईओडब्ल्यू अब आरोपी की संपत्तियों और आय के स्रोतों की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
रिश्वत मामले में भी कार्रवाई
जांच के दौरान आरोपी से जुड़े एक अन्य मामले की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि उसने एक व्यक्ति से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के बाद जांच एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, सरकारी पद का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन संबंधी रिकॉर्ड में हेरफेर करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी मूल रूप से ओडिशा का निवासी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है और वर्तमान में जबलपुर में रह रहा था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।