akhbaar update

बिना चार्जशीट 7 महीने तक निलंबन गलत, हाई कोर्ट ने कर्मचारी को दी राहत

 





जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी भी कर्मचारी को बिना चार्जशीट दिए लंबे समय तक निलंबित नहीं रखा जा सकता। अदालत ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय यादव का करीब सात महीने पुराना निलंबन आदेश रद्द कर दिया।

संजय यादव को 23 जनवरी 2026 को कुलपति के साथ कथित अभद्र व्यवहार के आरोप में निलंबित किया गया था। उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि निलंबन के बाद भी उन्हें आज तक चार्जशीट नहीं दी गई, जिससे उनके साथ अन्याय हो रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि बिना आरोप पत्र दिए किसी कर्मचारी को इतने लंबे समय तक निलंबित रखना कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

सुनवाई के बाद जस्टिस विशाल धगत की एकल पीठ ने निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि भले ही नियमों में निलंबन की अधिकतम समय सीमा तय न हो, लेकिन इसे सजा के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अदालत ने माना कि निलंबन के बाद उचित समय के भीतर, लगभग 90 दिनों के अंदर, चार्जशीट जारी कर दी जानी चाहिए।

हालांकि, हाई कोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को यह स्वतंत्रता भी दी है कि यदि आवश्यक हो तो नियमों के अनुसार कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट जारी कर विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।

विश्वविद्यालय की ओर से दलील दी गई कि निलंबन नियमानुसार किया गया था और नियमों में समय सीमा तय नहीं है। लेकिन कोर्ट ने कर्मचारी के अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए यह तर्क स्वीकार नहीं किया।

इस फैसले को सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे स्पष्ट संदेश गया है कि बिना आरोप पत्र दिए किसी कर्मचारी को लंबे समय तक निलंबित रखना उचित नहीं है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
akhbaar update
akhbaar update
💬 WhatsApp