जबलपुर। शताब्दीपुरम इलाके में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची जबलपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम की संयुक्त टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। उच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही कार्रवाई के दौरान उत्तर-मध्य विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अभिलाष पांडे अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध किया।
कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। महिलाओं ने बारिश के मौसम में घरों से बेदखली को लेकर प्रशासन से सवाल किए। उनका कहना था कि छोटे बच्चों के साथ इस मौसम में वे आखिर कहां जाएंगी।
विधायक ने दी अधिकारियों को चेतावनी
मौके पर पहुंचे विधायक अभिलाष पांडे ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि बरसात के मौसम में करीब 200 परिवारों को उजाड़ा गया, तो प्रभावित लोगों को जबलपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय ले जाकर मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कमरे में सुलाया जाएगा।
विधायक ने कहा कि गर्मी और सर्दी के मौसम में अधिकारियों ने इन परिवारों की सुध नहीं ली और अब बारिश के दौरान उनके आशियाने हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के साथ इस तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विरोध के चलते इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
अधिकारियों ने न्यायालय के आदेश का दिया हवाला
वहीं, जबलपुर विकास प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार वैद्य ने बताया कि संबंधित जमीन वर्ष 2016 में शिक्षा समिति को सौंप दी गई थी। जमीन पर कब्जा करने वालों को लंबे समय से नोटिस दिए जा रहे थे।
मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचने के बाद अदालत ने जमीन को खाली कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के पालन में की जा रही है।
जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन ने भी कहा कि कार्रवाई जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन करना जरूरी है, जबकि स्थानीय लोग और विधायक बरसात के मौसम में परिवारों को हटाने का विरोध कर रहे हैं।