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देह व्यापार मामले में पूछताछ के बाद बढ़ा जांच का दायरा, 150 महिलाओं और 20 दलालों के नेटवर्क का दावा

 




जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र के सुहागी स्थित पन्नी मोहल्ला में सामने आए कथित देह व्यापार मामले की जांच अब बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पुलिस रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया गया है। इसके बाद पुलिस ने संभावित दलालों, दूसरे राज्यों से जुड़े संपर्कों और पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसके संपर्क में 150 से अधिक महिलाएं थीं। इन महिलाओं को कथित तौर पर अलग-अलग स्थानों पर भेजे जाने की बात सामने आई है। आरोपी ने नेटवर्क में करीब 20 दलालों के कमीशन के आधार पर सक्रिय होने और कई राज्यों से संपर्क होने का भी दावा किया है।

हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी से पूछताछ में सामने आए इन दावों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इन दावों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

पीडब्ल्यूडी कर्मचारी के मकान की भी जांच

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जिस मकान में कथित गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है, वह लोक निर्माण विभाग के एक कर्मचारी का बताया जा रहा है। आरोपियों ने यह मकान किराये पर लिया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मकान मालिक को कथित गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं।

आरक्षक के निलंबन के बाद संरक्षण के एंगल पर जांच

मामले में कथित संलिप्तता के आरोपों के बाद अधारताल थाने में पदस्थ आरक्षक सतीश झारिया को निलंबित किया जा चुका है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं पूरे नेटवर्क को किसी स्तर पर संरक्षण तो नहीं मिल रहा था।

10 जुलाई को हुई थी पुलिस कार्रवाई

गौरतलब है कि 10 जुलाई को पुलिस ने सरस्वती कॉलोनी के पन्नी मोहल्ला स्थित एक मकान में कार्रवाई की थी। इस दौरान कथित देह व्यापार के मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में जांच के दौरान नरसिंहपुर निवासी कपिल जायसवाल को भी गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा मंजू निखर, मुकेश निखर, आरुष निखर, अभय सिंह उर्फ चिंटू समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

नाबालिगों के इस्तेमाल की भी जांच

पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि कथित नेटवर्क में कहीं नाबालिग लड़कियों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। इस संबंध में पुलिस की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जांच कर रही हैं। डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

यदि जांच में नाबालिगों के इस्तेमाल के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। सभी तथ्यों और आरोपों का सत्यापन करने के बाद ही पूरे मामले में शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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