नई दिल्ली: देश भर में नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर मचे घमासान के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। चौतरफा राजनीतिक दबाव और जंतर-मंतर पर हफ्तों से चल रहे ऐतिहासिक छात्र आंदोलन के आगे झुकते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है।
यह इस्तीफा दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे छात्र संगठनों, विपक्ष और आंदोलन का नेतृत्व कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है। परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से लेकर सड़क तक हफ्तों से भारी गतिरोध बना हुआ था। इस इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में जश्न का माहौल है, क्योंकि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले यह बड़ा कदम उठाया गया है।