जबलपुर। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दायर 23 वर्ष पुराने मानहानि मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की ओर से जवाब पेश करने के लिए समय मांगा गया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई निर्धारित की है।
यह मामला वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित बयानों से जुड़ा हुआ है। दिग्विजय सिंह का आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान उमा भारती ने सार्वजनिक सभाओं में उनके अंडरवर्ल्ड से संबंध होने जैसे आरोप लगाए थे, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद उन्होंने अदालत में मानहानि का प्रकरण दायर किया था।
ताजा सुनवाई में उमा भारती की ओर से पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है। अब आगामी सुनवाई में उमा भारती का जवाब रिकॉर्ड पर आने के बाद मामले की आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
करीब दो दशक से अधिक पुराने इस मामले के फिर चर्चा में आने से प्रदेश की उस समय की राजनीतिक परिस्थितियां एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं, जब चुनावी मंचों पर नेताओं के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा था।