जबलपुर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज देसी ब्लिंग के माध्यम से कथित अवैध सट्टेबाजी और वित्तीय अपराधों के महिमामंडन से जुड़े मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत को गंभीरता से लिया है। आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा जबलपुर पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर मामले में रिपोर्ट तलब की है।
मामला जबलपुर निवासी योगेंद्र सिंह ठाकुर की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जबलपुर निवासी सतीश सनपाल, जो कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी, वित्तीय धोखाधड़ी, हवाला लेनदेन, फर्जी कंपनियों और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित कई आरोपों एवं मामलों का सामना कर रहा है, उसकी ग्लैमरस जीवनशैली को वेब सीरीज में प्रमुखता से दिखाया गया है। इससे युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
युवाओं में बढ़ सकता है मानसिक तनाव
शिकायत में कहा गया है कि यह मामला मानवाधिकार से जुड़ी गंभीर चिंताओं से संबंधित है और इस पर कार्रवाई आवश्यक है। आरोप है कि विवादों और गंभीर आरोपों से घिरे, विदेश में रह रहे लोगों की जीवनशैली को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करना समाज के लिए अनुचित संदेश देता है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, ऑनलाइन सट्टेबाजी और उससे जुड़ी गतिविधियों के कारण युवाओं में अवसाद, भावनात्मक आघात, आत्महत्या की प्रवृत्ति और मनोवैज्ञानिक तनाव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में इस प्रकार की सामग्री का अप्रत्यक्ष रूप से समाज पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है।
मंत्रालय और पुलिस से मांगी गई रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत को गंभीर मानते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और जबलपुर पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। फिलहाल मामले की जांच प्रक्रिया जारी है।