जबलपुर। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने जबलपुर प्रवास के दौरान नगर निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस समेत 12 विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मानवाधिकार से जुड़ी शिकायतों और लंबित मामलों की विभागवार जानकारी ली गई।
जबलपुर। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने जबलपुर प्रवास के दौरान नगर निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस समेत 12 विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मानवाधिकार से जुड़ी शिकायतों और लंबित मामलों की विभागवार जानकारी ली गई।
बैठक के दौरान आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को कम वेतन मिलने का मामला सामने आने पर प्रियंक कानूनगो ने नगर निगम के अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि गौरीघाट क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान चार सफाई कर्मचारी मिले थे, जिन्होंने बताया कि उन्हें ठेकेदार द्वारा केवल 7 से 8 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जबकि उन्हें न्यूनतम 12 हजार रुपये मिलना चाहिए।
जब अपर आयुक्त ने कहा कि संभव है ठेकेदार ने कुछ राशि एडवांस के रूप में दी हो, तो इस पर प्रियंक कानूनगो ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा जवाब ठेकेदार को बचाने वाला प्रतीत होता है। यदि मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय ठेकेदार की तरफदारी की गई तो अधिकारियों को दिल्ली आकर जवाब देना पड़ सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों को उनका अधिकार दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए और व्यवस्था में सुधार किया जाए। साथ ही कहा कि मामले में विभागीय स्तर पर कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत कुछ विभागों के अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर मानवाधिकार आयोग सदस्य ने नाराजगी जताते हुए अवमानना की कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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