जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल अंतर्गत पिपरिया रेलवे अस्पताल में दिनांक 26 मई 2026 को टीबी जागरूकता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन एवं रेल कर्मचारियों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करना तथा टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुँचाना था।
कार्यक्रम में रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी को क्यों है छुपाना, अगर जीवन को बचाना है। उन्होंने बताया कि टीबी की शीघ्र पहचान, समय पर जांच एवं संपूर्ण इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की।
डॉ. कुर्रे ने बताया कि टीबी का उपचार डॉट्स प्रणाली के माध्यम से प्रभावी रूप से किया जाता है। इलाज में लापरवाही बरतने पर सामान्य टीबी, एमडीआर टीबी में परिवर्तित हो सकती है, जो अधिक गंभीर एवं खतरनाक होती है। उन्होंने कहा कि कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों एवं कुपोषित बच्चों में टीबी होने की संभावना अधिक रहती है।
उन्होंने बताया कि बच्चों में दाएं फेफड़े में संक्रमण की संभावना अधिक होती है क्योंकि दाएं फेफड़े की ट्रेकिया अपेक्षाकृत सीधी होती है, जिससे धूल, डस्ट एवं बैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। वहीं वयस्कों में धूम्रपान भी टीबी संक्रमण का प्रमुख कारण बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को टीबी से बचाव, स्वच्छता, संतुलित भोजन एवं समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। सभी ने टीबी हारेगा, भारत जीतेगा का संकल्प लेते हुए टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहभागिता का संदेश दिया।