जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की राशि खर्च होने के बावजूद काम नहीं होने का मामला सामने आया है। शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं के एनक्यूएएस प्रमाणीकरण में लापरवाही को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी सहित चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले की संजीवनी क्लीनिकों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) के अनुसार विकसित करने के लिए प्रति क्लीनिक 1 लाख रुपये के हिसाब से 58 क्लीनिकों के लिए कुल 58 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। बताया गया है कि इसमें से लगभग 56.98 लाख रुपये खर्च भी कर दिए गए।
काम नहीं हुआ, फिर भी खर्च हो गई राशि
राज्य स्तर पर हुई समीक्षा में सामने आया कि राशि खर्च होने के बावजूद जबलपुर जिले की किसी भी शहरी स्वास्थ्य संस्था का एनक्यूएएस प्रमाणीकरण नहीं कराया गया। साथ ही किसी भी संस्था को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार नहीं किया गया।
इस मामले को गंभीर मानते हुए सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी, सहायक शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव, जिला क्वालिटी मॉनिटर शिखा गर्ग और जिला लेखा प्रबंधक रेखा साहू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
“मामला पुराने कार्यकाल का” : सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी का कहना है कि उन्होंने 5 अप्रैल 2026 को पदभार संभाला है और यह मामला उनके कार्यकाल से पहले का है। उन्होंने कहा कि जबलपुर में फिलहाल 42 संजीवनी क्लीनिक संचालित हैं, जबकि नोटिस में 58 क्लीनिकों का उल्लेख किया गया है।
15 दिन में मांगा जवाब
अपर मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिनों के भीतर शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं के एनक्यूएएस प्रमाणीकरण की स्थिति से अवगत कराया जाए। ऐसा नहीं होने पर संबंधित राशि की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।