नई दिल्ली, 3 अप्रैल। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे उठाने से रोका जा रहा है। हाल ही में उन्हें राज्यसभा में उपनेता (डिप्टी लीडर) पद से हटाया गया था, जिसके बाद उनका यह बयान और भी अहम माना जा रहा है।
आम आदमी पार्टी के सांसद चड्ढा ने कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।” उनका कहना है कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह आम लोगों के मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा आम जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने और ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जैसे स्विग्गी और जोमैटो के डिलीवरी कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया।
इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर की समस्याएं और टोल प्लाजा पर आम लोगों को हो रही परेशानियों को भी उन्होंने संसद में उठाया। चड्ढा का आरोप है कि अब उनकी ही पार्टी उन्हें इन मुद्दों को उठाने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी द्वारा इस तरह की रोक समझ से परे है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी की ओर से संसद में उन्हें बोलने का मौका न देने के निर्देश दिए गए हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इसे पार्टी के अंदरूनी मतभेदों के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।