सरकारी बसों में बैठने से रोकने का आरोप
जबलपुर - पाटन, कटंगी, मंझोली और सिहोरा के बीच मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत संचालित बस सेवाओं को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि निजी बस ऑपरेटरों से जुड़े कुछ लोग यात्रियों पर दबाव बनाकर उन्हें सरकारी बसों में बैठने से रोक रहे हैं। इस तरह की स्थिति के कारण रोजाना इन मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार ने आम लोगों को कम खर्च में सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह परिवहन सेवा शुरू की थी। यात्रियों का कहना है कि यदि बस संचालन में इस तरह से बाधा डाली जाती रही तो योजना का लाभ जरूरतमंद लोगों तक नियमित रूप से पहुंचना मुश्किल होगा।
उपद्रव करने वालों पर कार्रवाई की मांग
मामले में संबंधित मार्गों पर यात्रियों और सरकारी बसों के साथ कथित तौर पर व्यवधान पैदा करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की मांग उठी है। साथ ही पाटन, कटंगी, मंझोली और सिहोरा क्षेत्र में पुलिस निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई गई है, ताकि यात्रियों को किसी तरह के दबाव या विवाद का सामना नहीं करना पड़े।
संवेदनशील मार्गों पर निगरानी की जरूरत
योजना के तहत चलने वाली बसों का संचालन बिना रुकावट जारी रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी मजबूत करने की मांग की गई है। यात्रियों का कहना है कि बसों के तय मार्ग और पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने से विवाद की स्थिति को रोका जा सकता है।
मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि सरकारी परिवहन सेवा में जानबूझकर बाधा डालने या यात्रियों को रोकने की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इससे यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा कायम होगा और योजना का संचालन भी सुचारु रूप से जारी रह सकेगा।
