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माढ़ोताल में एक दिन में साइबर ठगी के दो मामले, मोबाइल हैक और नौकरी के नाम पर गंवाए रुपये



फोन-पे से छह बार में 60 हजार रुपये निकले

माढ़ोताल थाना क्षेत्र में एक ही दिन में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। एक मामले में पीड़ित के फोन-पे खाते से बिना अनुमति 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए थे, जबकि दूसरे मामले में वर्क फ्रॉम होम नौकरी का झांसा देकर महिला से हजारों रुपये ठग लिए गए थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।

ग्रीन सिटी निवासी रमाकांत नेमा ने पुलिस को बताया कि उनका खाता राइट टाउन स्थित अपेक्स बैंक शाखा में है। 7 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजे वह फोन-पे के जरिए किसी व्यक्ति को रुपये भेज रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर फोन-पे पिन डालने का अलर्ट आया था।

रमाकांत ने फोन-पे की हिस्ट्री चेक की तो पता चला कि उनके खाते से 10-10 हजार रुपये के छह ट्रांजेक्शन किए गए थे। इस तरह कुल 60 हजार रुपये खाते से निकल गए थे। बैंक से जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि रकम किसी दूसरे व्यक्ति के यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर हुई थी।

रमाकांत के मुताबिक, उन्होंने न तो किसी अनजान लिंक पर क्लिक किया था, न ओटीपी साझा किया था और न ही कोई नया एप डाउनलोड किया था।

वर्क फ्रॉम होम नौकरी का झांसा

दूसरा मामला करमेता निवासी अंजली जैन से जुड़ा है। अंजली ने पुलिस को बताया कि वह निजी नौकरी करती हैं और उन्होंने वर्क फ्रॉम होम जॉब के लिए लिंगडिग एप पर आवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने गूगल फॉर्म भी जमा किया था।

23 सितंबर की शाम करीब 7.42 बजे उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने अपना नाम सारिक बताया था और खुद को फिजिक्स वाला का एचआर बताया था। उसने नौकरी के आवेदन के संबंध में जानकारी ली थी। अंजली ने उसे बताया था कि वह तीन साल पहले वहां काम कर चुकी थीं और दोबारा नौकरी के लिए आवेदन करना चाहती थीं।

अगले दिन 24 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे उसी नंबर से दोबारा फोन आया था। कॉल करने वाले ने बताया था कि नौकरी के लिए अंतिम सूची तैयार हो गई थी। इसके बाद उसने पहचान संबंधी दस्तावेज और पुराना ऑफर लेटर मांगा था।

वेलकम किट के नाम पर शुरू हुई ठगी

अंजली के मुताबिक, आरोपी ने पहले फोन-पे के जरिए उनके खाते में 4 हजार रुपये भेजे थे। इसके बाद वेलकम किट के नाम पर उनसे 3600 रुपये मांगे गए थे। आरोपी ने एक क्यूआर कोड भेजा था, जिस पर अंजली ने 3600 रुपये भेज दिए थे।

कुछ देर बाद आरोपी ने ट्रांजेक्शन फेल होने की बात कही थी और दूसरा क्यूआर कोड भेजा था। अंजली ने उस पर भी 3600 रुपये भेज दिए थे। इसके बाद इसी प्रक्रिया के जरिए उनके खाते से 30 हजार रुपये और चले गए थे।

बाद में अंजली ने परिचित आकाश से बात की थी। आकाश ने उन्हें बताया था कि नौकरी का ऑफर फर्जी हो सकता है। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला था।

पुलिस ने साइबर सेल से मांगी मदद

दोनों शिकायतों के आधार पर माढ़ोताल पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है। जांच में फोन नंबर, यूपीआई लेनदेन और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।

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