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आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर जीएसटी अधिकारी के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा

 


जबलपुर। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार सुबह राज्य जीएसटी विभाग के वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने जबलपुर, भोपाल और सागर में अधिकारी से जुड़े ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान जमीन, मकान, वाहन, बीमा और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में लोकायुक्त ने अधिकारी की कुल आय करीब 1.03 करोड़ रुपए आंकी है, जबकि इस अवधि में करीब 3.78 करोड़ रुपए के खर्च का पता चला है। जांच के मुताबिक यह खर्च ज्ञात आय का 364.64 प्रतिशत है। अधिकारियों के अनुसार करीब 2.74 करोड़ रुपए का व्यय आय की तुलना में अधिक पाया गया है। हालांकि, तलाशी पूरी होने और दस्तावेजों की जांच के बाद ही संपत्तियों तथा आय के स्रोतों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

शिकायत की जांच के बाद केस दर्ज

लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले के समक्ष अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पहुंची थी। शिकायत का सत्यापन निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया द्वारा किया गया। प्रारंभिक जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 6 बजे जबलपुर, भोपाल और सागर में एक साथ तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई।

परिजनों के नाम पर भी संपत्तियों की जानकारी

लोकायुक्त की जांच में अधिकारी के अलावा उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमलचंद जैन और माता शशि जैन के नाम पर दर्ज संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई है। प्रारंभिक रिकॉर्ड में जबलपुर और भोपाल में जमीन, प्लॉट, बंगला और फ्लैट का उल्लेख है। इसके अलावा सागर जिले के बंडा में प्लॉट पर बने मकान की जानकारी भी जांच में शामिल है।

अधिकारी की पत्नी के नाम पर मारुति स्विफ्ट कार और सुजुकी एक्सेस स्कूटर होने की जानकारी मिली है। इसके साथ ही परिवार के नाम पर ली गई बीमा पॉलिसियों से संबंधित रिकॉर्ड भी लोकायुक्त टीम देख रही है।

दमोह में पदस्थ हैं मनीष जैन

मनीष कुमार जैन वर्तमान में दमोह में वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं और जबलपुर की रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में निवास करते हैं। तीन शहरों में चल रही तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य, आय के स्रोत और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


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