जबलपुर। शारदीय नवरात्रि के चलते मानस भवन के पास स्थित प्राचीन श्री खेरमाई मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सुबह सूर्योदय से पहले ही बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन कर जल अर्पित कर रही हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।
भोर से शुरू हो जाते हैं धार्मिक अनुष्ठान
मंदिर में तड़के करीब 4 बजे से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो जाता है। सुबह के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतारें लग रही हैं। मन्नत लेकर पहुंचने वाली महिला श्रद्धालुओं का कहना है कि मां के दर्शन और पूजा-अर्चना से उन्हें मानसिक शांति मिलती है। भक्तों का विश्वास है कि मां के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना पूरी होती है।
गोंडकाल से जुड़ी है मंदिर की मान्यता
श्री खेरमाई मंदिर को गोंडवाना काल से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार गोंड शासक राजा संग्राम शाह और रानी दुर्गावती भी इस स्थान पर मां के दर्शन करने आती थीं। इसी वजह से यह स्थल लंबे समय से क्षेत्र की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है।
स्वयंभू स्वरूप में पूजी जाती हैं मां
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार खेरमाई मंदिर कई सदियों पुराना है और यहां मां की प्रतिमा स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुई थी। प्रारंभिक समय में देवी की पूजा पवित्र शिला के रूप में किए जाने की बात कही जाती है।
मान्यता है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों की कुलदेवी तथा रक्षक मानी जाने के कारण देवी को खेरमाई नाम मिला। आज भी नवरात्रि सहित विशेष अवसरों पर श्रद्धालु सुबह के समय कतार में लगकर मां को जल अर्पित करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
