akhbaar update

नवरात्रि के दूसरे दिन होगी मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें भोग, मंत्र और पूजा विधि

 


शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी तप, संयम, पवित्रता और धैर्य का प्रतीक हैं। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा करने के साथ माता को उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग अर्पित करते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप

मां ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल रहता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनका यह स्वरूप कठोर तपस्या और साधना का प्रतीक है। मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से व्यक्ति को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।

सफेद रंग माना जाता है शुभ

नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। सफेद रंग को शांति, पवित्रता और सरलता का प्रतीक माना गया है। श्रद्धालु इस दिन सफेद या पीले वस्त्र पहनकर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर सकते हैं।

माता को चढ़ाएं ये फूल और भोग

पूजा के दौरान मां ब्रह्मचारिणी को सफेद और लाल फूल अर्पित किए जाते हैं। चमेली, कमल और गुड़हल के फूल चढ़ाने की परंपरा भी बताई गई है।

भोग में मिश्री और शक्कर अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा खीर, सफेद बर्फी और दूध से बनी मिठाइयां भी माता को चढ़ाई जा सकती हैं। पूजा के बाद प्रसाद श्रद्धालुओं में बांटा जाता है।

मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र

मां ब्रह्मचारिणी का बीज मंत्र है—

“ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥”

ध्यान मंत्र—

“दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥”

देवी स्तुति मंत्र—

“या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

इस तरह करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्रि के दूसरे दिन सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल की सफाई कर मां दुर्गा और कलश को प्रणाम करके पूजा शुरू करें। इसके बाद हाथ में जल और अक्षत लेकर पूजा व व्रत का संकल्प लें।

मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक और धूप जलाएं। पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करने के बाद माता को कुमकुम, चंदन, अक्षत, हल्दी और सुगंधित इत्र अर्पित करें।

इसके बाद माता को फूल चढ़ाकर मंत्रों का जाप करें। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार 108 बार मंत्र का जाप कर सकते हैं। अंत में मिश्री, शक्कर, खीर या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाकर मां ब्रह्मचारिणी की आरती करें। पूजा के बाद सुख-शांति और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता से प्रार्थना की जाती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
akhbaar update
akhbaar update
💬 WhatsApp