जबलपुर। शासकीय उचित मूल्य दुकान हिनौतिया में लाखों रुपए के खाद्यान्न की हेराफेरी का मामला सामने आया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की शिकायत पर बेलखेड़ा थाना पुलिस ने दुकान के विक्रेता कृष्णकुमार ठाकुर उर्फ कृष्णा और कर्मचारी राजकुमार परसवार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
विभागीय जांच में आरोप है कि दोनों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों का बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और मोबाइल पर मिलने वाला ओटीपी लेकर पोर्टल पर राशन वितरण दर्ज कर दिया, लेकिन हितग्राहियों को वास्तविक रूप से खाद्यान्न नहीं दिया।
इतना ही नहीं, आरोपियों पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने और एक माह का खाद्यान्न रोककर उसकी हेराफेरी करने का भी आरोप है। विभाग के अनुसार खाद्यान्न की कुल कीमत करीब 4 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है।
भौतिक सत्यापन में मिला भारी अंतर
25 अगस्त 2026 को प्रशासनिक दल ने दुकान का औचक निरीक्षण किया। जुलाई 2026 के ऑनलाइन रिकॉर्ड और दुकान में मौजूद खाद्यान्न के भौतिक सत्यापन के दौरान स्टॉक में बड़ा अंतर मिला।
जांच में 116.23 क्विंटल गेहूं, 23.33 क्विंटल चावल, 7.81 क्विंटल नमक और 0.08 क्विंटल शकर कम पाई गई। आरोप है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में खाद्यान्न का पूरा वितरण दिखाया गया, जबकि मौके पर स्टॉक गायब मिला।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
खाद्य विभाग के कर्मचारी आलोक काछी की शिकायत पर बेलखेड़ा थाना पुलिस ने कृष्णकुमार ठाकुर और राजकुमार परसवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) सहित आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस अब दुकान के स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन वितरण रिकॉर्ड, पावती और हितग्राहियों से कथित रूप से की गई अतिरिक्त वसूली से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।