जबलपुर। गन कैरिज फैक्ट्री (GCF) में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे प्राइवेट सुरक्षा गार्डों ने वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना, अवैध मांग और नौकरी से हटाने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। सोमवार दोपहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी अपनी मांगों को लेकर निर्माणी के गेट पर पहुंचे। इसी दौरान उनकी जेडब्लूएम से विवाद हो गया। विवाद के दौरान हाथापाई होने की भी बात सामने आई है, जिसमें जेडब्लूएम प्रजापति के घायल होने की जानकारी है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों पर शराब मांगने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मी रवि शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि अधिकारी प्रजापति और एपी सिंह द्वारा सुरक्षाकर्मियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि अलग-अलग चेक पोस्ट पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों से शराब की बोतलें मंगाई जाती हैं और कहा जाता है कि इन्हें वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाना है।
सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि मांग पूरी नहीं करने पर उन्हें ड्यूटी से हटाने और नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। उन्होंने अधिकारियों पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल और कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप भी लगाए हैं।
62 गार्डों को वेतन मिलने का इंतजार
प्राइवेट सुरक्षा गार्डों ने वेतन में देरी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि करीब 62 सुरक्षाकर्मियों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक हर महीने वेतन मिलने में देरी हो रही है।
गार्डों का कहना है कि 14 तारीख बीतने के बाद भी पिछले महीने का वेतन उनके खातों में नहीं पहुंचा है। इससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि नए अधिकारियों की पदस्थापना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की परेशानियां बढ़ी हैं। उन्होंने लंबे समय से मानसिक दबाव और कथित प्रताड़ना झेलने की बात कही है।
मामले को लेकर सुरक्षाकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने समय पर वेतन भुगतान, कर्मचारियों के साथ उचित व्यवहार और बिना दबाव के काम करने का माहौल उपलब्ध कराने की मांग रखी है।