जबलपुर। बरेला तहसील की ग्राम पंचायत डूंगा-महँगाव में पिछले एक सप्ताह से दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि घरों की टोटियों से मटमैला और बदबूदार पानी निकल रहा है। पानी के साथ जिंदा कीड़े आने की भी शिकायत की गई है। इसके चलते गांव के लोग पीने और घरेलू इस्तेमाल के लिए पानी जुटाने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासी दीपक पटेल, अनिल पटेल और राज पटेल के मुताबिक इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समस्या की जांच नहीं की।
नालियों के पास से गुजर रही पाइपलाइन पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की पाइपलाइन कई जगह नालियों के आसपास से होकर गुजर रही है। पाइपलाइन के जोड़ क्षतिग्रस्त होने की वजह से नालियों का गंदा पानी उसमें मिलने की आशंका जताई जा रही है।
लोगों के अनुसार नल से निकलने वाले पानी को कुछ देर रखने पर बर्तन के नीचे गंदगी की परत जम जाती है। इस वजह से परिवारों को खाना बनाने और अन्य घरेलू कामों में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने दूषित पानी के इस्तेमाल से उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी परेशानी होने की बात भी कही है।
पानी की जांच और स्वास्थ्य शिविर की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि पानी के नमूने लेकर तत्काल जांच कराई जाए और पाइपलाइन की भी तकनीकी जांच हो। उनका कहना है कि समस्या का कारण सामने आने तक गांव में स्वच्छ पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाने की मांग भी कर रहे हैं, ताकि दूषित पानी के कारण बीमार हुए लोगों की जांच और उपचार किया जा सके।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
दूषित पानी के कारण कई परिवारों को दूर स्थित निजी बोरवेल से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और पानी लाने में अतिरिक्त समय और मेहनत लग रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे में स्वच्छ पानी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट घेराव और स्वास्थ्य शिविर की मांग को लेकर आंदोलन करने की बात भी कही गई है।