भोपाल। कुछ दिनों की राहत के बाद मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को भोपाल, दमोह, टीकमगढ़ और विदिशा समेत कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में तेज हवा के साथ हुई बारिश के दौरान दृश्यता 100 मीटर से भी कम हो गई, जिससे सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा। वहीं दमोह के निचले इलाकों में पानी भर गया।
15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शनिवार, 12 सितंबर को प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें उज्जैन, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और छतरपुर शामिल हैं।
इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, आलीराजपुर, बुरहानपुर, झाबुआ, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, रतलाम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।
3-4 दिन से थमी थी बारिश
प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले तीन से चार दिनों से बारिश नहीं हुई थी। इसके चलते तापमान बढ़ने के साथ उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। अब बारिश का दौर दोबारा शुरू होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
सामान्य से 2.7 इंच कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 801.3 मिलीमीटर यानी करीब 31.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक करीब 868.6 मिलीमीटर यानी 34.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक लगभग 2.7 इंच कम बारिश हुई है।
क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 1 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।