भोपाल। कलियासोत और बड़े तालाब के 50 मीटर दायरे में बने मकानों को अवैध बताकर तोड़ने के भोपाल नगर निगम के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मकानों को तोड़ने पर लगी अंतरिम रोक को बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
मास्टर प्लान के तहत अनुमति लेने का दिया तर्क
बुधवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि संबंधित मकानों का निर्माण मास्टर प्लान-2005 के प्रावधानों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेने के बाद किया गया था। इसके बावजूद नगर निगम ने इन निर्माणों को अवैध बताते हुए उन्हें तोड़ने के आदेश जारी कर दिए।
106 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई
भोपाल नगर निगम की ओर से अतिक्रमण, अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर जारी नोटिस तथा आदेशों के खिलाफ हाई कोर्ट में कुल 106 याचिकाएं दायर की गई हैं। एकलपीठ इन सभी मामलों की संयुक्त रूप से सुनवाई कर रही है।
जवाब की जांच के बाद कारण सहित आदेश के निर्देश
शोकॉज नोटिस से जुड़े मामलों में कोर्ट पहले ही नगर निगम को याचिकाकर्ताओं के जवाब का कानून के अनुसार परीक्षण कर कारण सहित आदेश जारी करने के निर्देश दे चुकी है।
मकानों को तोड़े जाने से संबंधित याचिकाओं पर बुधवार को समय की कमी के कारण सभी पक्षों की दलीलें पूरी नहीं हो सकीं। इसके चलते कोर्ट ने मकानों को तोड़ने पर लगी रोक को फिलहाल जारी रखा और अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की।