सतना। सदी की सबसे भीषण बाढ़ की त्रासदी से अभी चित्रकूट पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने लोगों की चिंता फिर बढ़ा दी है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर आरोग्य धाम के पास सोमवार सुबह 137.05 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें लगातार बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश से बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर भय का माहौल बन गया है।
बीते शनिवार मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट में भारी तबाही मचाई थी। पानी उतरने के बाद लोग अपने घरों और दुकानों को संभालने में जुटे ही थे कि एक बार फिर बारिश शुरू हो गई। पिछले दिनों हुई तबाही के दृश्य अभी लोगों के जेहन में ताजा हैं, ऐसे में दोबारा जलस्तर बढ़ने की आशंका ने प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
भोजन, साफ पानी और कपड़ों की समस्या
बाढ़ के बाद कई प्रभावित इलाकों में लोगों को भोजन, पीने के साफ पानी और कपड़ों तक के संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवार राहत और बचाव दलों से मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के चित्रकूट दौरे के बावजूद जमीनी स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में अपेक्षित तेजी दिखाई नहीं दे रही है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद सामने आई तबाही ने कई परिवारों के सामने पुनर्वास और रोजमर्रा की जरूरतों का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
सतना में सामान्य से अधिक बारिश
उधर, सतना जिले में भी बारिश का दौर लगातार जारी है। सोमवार सुबह 8 बजे तक जिले में 23.8 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई। वहीं, 1 जून से 31 अगस्त तक जिले में कुल औसत वर्षा 1043.5 मिमी पहुंच चुकी है, जबकि सामान्य औसत वर्षा 891.7 मिमी है। इस तरह जिले में सामान्य से करीब 151.8 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है।
सोहावल में 37 मिमी, बिरसिंहपुर में 35 मिमी, बरौंधा में 27 मिमी, रामपुर बाघेलान में 27.6 मिमी और सतना में 24.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
लगातार बारिश को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले की आपदा प्रबंधन टीम और सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल चित्रकूट के लोगों की निगाहें मंदाकिनी नदी के जलस्तर और लगातार बरसते आसमान पर टिकी हुई हैं।