जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने शहर के 38 वर्ष पुराने 132 केवी विनोबा भावे सबस्टेशन के रीमॉडलिंग और अपग्रेडेशन का कार्य पूरा कर लिया है। इस तकनीकी उन्नयन के बाद उच्च न्यायालय, सिविल लाइंस, रेलवे, कलेक्ट्रेट, कमिश्नरी, सिविक सेंटर सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पहले से अधिक मजबूत और भरोसेमंद हो जाएगी।
कंपनी के अनुसार इस परियोजना को अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर.सी. शर्मा, कार्यपालन अभियंता नरेंद्र पटेल, सहायक अभियंता चेतन यादव और सबस्टेशन सुपरवाइजर आर.के. श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को बिना किसी बाधा के पूरा करना है।
नई तकनीक से बढ़ी सबस्टेशन की क्षमता
अपग्रेडेशन के तहत 132 केवी का नया डबल सर्किट फीडर बे और बस कप्लर स्थापित किए गए हैं। साथ ही कम क्षमता वाले पुराने पैंथर कंडक्टर की जगह उच्च क्षमता वाले ज़ेबरा कंडक्टर लगाए गए हैं, जिससे अधिक बिजली लोड को आसानी से संभाला जा सकेगा।
इसके अलावा दोनों पुराने पावर ट्रांसफार्मरों की रिकंडीशनिंग और री-पेंटिंग की गई है। पुराने ब्रेकर हटाकर आधुनिक सुरक्षा प्रणाली वाले नए ब्रेकर लगाए गए हैं, जो किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत ट्रिप होकर विद्युत प्रणाली को सुरक्षित रखेंगे। आवश्यक सिविल और तकनीकी कार्य भी निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे किए गए हैं।
बिजली आपूर्ति रहेगी निर्बाध
सबस्टेशन में 132 केवी की नई ऑग्ज़ीलियरी बस भी विकसित की गई है। इससे आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकेगी और किसी एक लाइन में खराबी आने पर भी आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इस अपग्रेडेशन से सबस्टेशन की परिचालन क्षमता, विश्वसनीयता और बिजली आपूर्ति की निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए यह परियोजना शहर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।