शहपुरा पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद बढ़ा भारी वाहनों का दबाव, 18 अगस्त तक सरकार को दिया अल्टीमेटम
जबलपुर। पाटन चौराहा पर गुरुवार को उस समय जाम की स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपने वाहन सड़क पर खड़े कर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण शहपुरा पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद पाटन मार्ग पर बढ़े भारी वाहनों के दबाव और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। चक्काजाम के चलते जबलपुर-दमोह मार्ग सहित आसपास के प्रमुख रास्तों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि करीब छह महीने पहले जबलपुर-भोपाल मार्ग पर स्थित शहपुरा पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों का आवागमन पाटन मार्ग से कराया जा रहा है। इसके बाद से इस सड़क पर दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले छह महीनों में सड़क हादसों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से बना शहपुरा फ्लाईओवर कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो गया, जिसका खामियाजा अब पाटन क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। भारी वाहनों के कारण रोजाना जाम, धूल और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि जबलपुर-पाटन फोरलेन परियोजना पहले ही स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ। इस संबंध में कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।