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आउटसोर्स कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, 17 अगस्त को 55 जिलों में कलेक्टरों को देंगे ज्ञापन

 


जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ के बैनर तले रविवार को भंवरताल गार्डन में विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों ने रोजगार की सुरक्षा, समय पर वेतन और ठेका प्रथा से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की।

बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि कर्मचारियों की मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो 17 अगस्त को प्रदेश के सभी 55 जिलों के कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ ने इसके बाद आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी भी दी है।

10 हजार रुपये के वेतन में परिवार चलाना मुश्किल

कर्मचारियों का कहना है कि जबलपुर में ही करीब 20 हजार आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारियों को करीब 10 हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के दौर में इतनी कम राशि में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

वहीं, नगर निगम सहित कई विभागों में कर्मचारियों के कई महीनों का वेतन लंबित होने का आरोप लगाया गया है। कर्मचारियों के मुताबिक कुछ स्थानों पर करीब छह महीने तक का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

ठेकेदार बदलते ही नौकरी पर संकट

आउटसोर्स कर्मचारियों ने ठेका व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि ठेकेदार बदलने के साथ ही पुराने कर्मचारियों की सेवाओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। कई बार बिना स्पष्ट कारण बताए कर्मचारियों को काम से हटा दिया जाता है।

कर्मचारियों का कहना है कि लगातार नौकरी जाने का डर बना रहता है। इसके अलावा उनसे निर्धारित समय से अधिक काम लेने के बावजूद वेतन और अन्य सुविधाएं समय पर नहीं दी जातीं।

2023 के वादे पूरे करने की मांग

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2023 में किए गए वादों के बावजूद आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने सरकार से रोजगार सुरक्षा, नियमित और समय पर वेतन भुगतान तथा ठेका प्रथा में सुधार सहित अपनी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है।

17 अगस्त को जिलों में प्रदर्शन

संघ ने स्पष्ट किया है कि 17 अगस्त को प्रदेश के सभी 55 जिलों में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपकर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

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