जबलपुर। मध्य प्रदेश के बिजली विभाग में कर्मचारियों के हितों की आवाज को मजबूत करने के लिए यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किया है। संगठन के संस्थापक एवं संरक्षक वीकेएस परिहार और केंद्रीय प्रबंध कार्यकारिणी की सहमति के बाद प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने नई जिम्मेदारियों को लेकर निर्णय लिया।
प्रांतीय सचिव प्रभुनारायण नेमा ने पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की घोषणा की। इसमें अनुभवी संगठनकर्ता एसके पचौरी को दोबारा पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी का संयोजक बनाया गया है।
पचौरी के दोबारा संयोजक बनने पर कर्मचारियों में उत्साह
नई जिम्मेदारी की घोषणा के बाद बिजली कर्मचारियों और संगठन से जुड़े सदस्यों में उत्साह देखा गया। कर्मचारियों ने एसके पचौरी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके पिछले कार्यकाल में संगठन ने कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया था।
कर्मचारियों का कहना है कि पचौरी हमेशा कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहे हैं और उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहे हैं। उनके दोबारा संयोजक बनने से संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।
कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का भरोसा
नवनियुक्त संयोजक एसके पचौरी ने संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी स्तर पर कर्मचारियों के सामने आने वाली समस्याओं को संगठन के माध्यम से मजबूती से उठाया जाएगा। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को एकजुट कर उनके हितों के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा।
नई टीम से संगठन को मजबूत करने की उम्मीद
संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी कर्मचारियों के हितों और कल्याण के लिए सक्रियता से काम करेगी। संगठनात्मक मजबूती के साथ बिजली कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने पर भी जोर दिया जाएगा।