भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने एनालॉग पनीर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेश में एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
एनालॉग पनीर असली दूध से बने पनीर की जगह तैयार किया जाने वाला उत्पाद है। इसे बनाने में दूध के अलावा वनस्पति वसा, स्टार्च और दूसरी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कीमत कम होने के कारण बाजार में इसकी मांग बढ़ी है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक तरीके से दूध का उत्पादन बढ़ाया जाएगा और दूध से ही पनीर तैयार करने को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर और प्राकृतिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है।
रोज 300 से 400 क्विंटल खपत का अनुमान
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में रोजाना करीब 300 से 400 क्विंटल एनालॉग पनीर की खपत होने का अनुमान है। यानी हर महीने करीब 9 हजार से 12 हजार क्विंटल एनालॉग पनीर बाजार में खप रहा है।
सरकार के इस फैसले के बाद खाद्य विभाग द्वारा इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।