जबलपुर/कटनी। जबलपुर में किराए का मकान लेकर रह रहे साइबर गिरोह के तीन सदस्यों को कटनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य बाजारों से ऐसे मोबाइल फोन चोरी करते थे, जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था। इसके बाद मोबाइल में चल रहे बैंकिंग और यूपीआई से जुड़े खातों का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे।
पुलिस के अनुसार बाकल निवासी शंकरलाल महतो का मोबाइल 29 जून को बाकल बाजार से गुम हुआ था। इसके बाद 29 जून से 1 जुलाई के बीच उनके बचत और केसीसी खाते से 2 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए गए।
झिंझरी क्षेत्र से पकड़े गए तीन आरोपी
पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन संदिग्ध झिंझरी क्षेत्र में किसी वारदात की तैयारी में घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया और बाकल थाने लाकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने शंकरलाल का मोबाइल चोरी कर उसके बैंक खाते से पैसे निकालने की बात स्वीकार की।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान तिवारी महतो निवासी साहिबगंज, झारखंड, उज्जवल कुमार उर्फ डिस्को महतो और रोनू महतो के रूप में हुई है।
एक साल से जबलपुर में रह रहे थे
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी करीब एक साल से जबलपुर के दीनदयाल चौक के पास किराए का मकान लेकर रह रहे थे। गिरोह के सदस्य बाकल, सिहोरा, कटनी और जबलपुर के बाजारों को निशाना बनाते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अब तक 14 मोबाइल फोन चोरी किए हैं। इन मोबाइलों के जरिए जबलपुर, सिहोरा, गढ़ा, लार्डगंज, बहोरीबंद और बाकल सहित कई क्षेत्रों में वारदात की गई। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी चोरी की वारदात करने की जानकारी सामने आई है।
चौथे आरोपी की तलाश जारी
पूछताछ में पुलिस को गिरोह के एक और सदस्य करीम शेख उर्फ साजन निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए मोबाइल से बैंक खातों में ऑनलाइन लेनदेन करने के बाद मोबाइल पश्चिम बंगाल में बैठे साथी को भेज दिए जाते थे। पुलिस अब आरोपियों से बरामद सामान और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है।