जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के मामले में जबलपुर के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और गोरखपुर थाना प्रभारी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
मामला ग्वारीघाट निवासी अजीत सिंह आनंद की ओर से दायर अपील से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जून 2023 में गोरखपुर थाना पुलिस उन्हें घर से थाने ले गई थी और 24 घंटे से अधिक समय तक थाने में रखा गया। इसके बाद उन्होंने आरटीआई के माध्यम से संबंधित रोजनामचा रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जानकारी मांगी थी।
तत्कालीन थाना प्रभारी ने जानकारी देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद प्रथम अपील दायर की गई। अपीलीय अधिकारी ने कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन सीसीटीवी फुटेज निजता का हवाला देकर देने से मना कर दिया गया। आवेदक को जानकारी नहीं मिलने पर मामला राज्य सूचना आयोग पहुंचा।
सुनवाई के बाद आयोग ने आवेदक से संबंधित सीसीटीवी फुटेज अन्य लोगों की पहचान छिपाकर निशुल्क उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही तत्कालीन थाना प्रभारी अरविंद चौबे और तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय अग्रवाल पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक को भी निर्देश दिए हैं कि प्रथम अपीलीय अधिकारी समय-सीमा के भीतर अपीलों का निस्तारण सुनिश्चित करें।