जबलपुर। एसपी कार्यालय में गुरुवार को एक महिला आरक्षक ने धर्मसेना के कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर एक अधिवक्ता पर नाम और पहचान छिपाकर शादी का झांसा देने तथा दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। महिला का दावा है कि आरोपी ने खुद को सौरभ सिंह राजपूत बताकर दोस्ती की, जबकि बाद में उसका वास्तविक नाम शोहरब शेख होने की जानकारी मिली। महिला ने आरोपी और अपने बच्चे का डीएनए परीक्षण कराने की मांग की है। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत लेकर जांच शुरू कर दी है।
महिला आरक्षक ने पुलिस अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में कोर्ट ड्यूटी के दौरान उसकी मुलाकात मक्का नगर निवासी एक अधिवक्ता से हुई। आरोप है कि उसने अपनी पहचान बदलकर उससे दोस्ती की और बाद में शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए।
महिला का कहना है कि आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाते हुए उसे अपने परिवार की सहमति होने की बात भी कही। उसने यह भी बताया कि वह तलाकशुदा है और उसके दो बच्चे हैं, इसके बावजूद आरोपी ने शादी करने का आश्वासन दिया।
बच्चे की अभिरक्षा छोड़ने का भी आरोप
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने सरकारी नौकरी का हवाला देकर महिला को एक बच्चे की अभिरक्षा उसके पूर्व पति को सौंपने के लिए राजी किया। इसके लिए न्यायालय में प्रक्रिया भी कराई गई।
इंस्टाग्राम से हुई असली पहचान की जानकारी
महिला का आरोप है कि अगस्त 2025 में इंस्टाग्राम के माध्यम से उसे पता चला कि आरोपी का वास्तविक नाम शोहरब शेख है और उसकी पहले से शादी हो चुकी है। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
गंभीर आरोप, जांच जारी
महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उस पर धर्म परिवर्तन से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने और गर्भपात का दबाव बनाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
धर्मसेना ने कार्रवाई की मांग की
महिला के साथ पहुंचे धर्मसेना के कार्यकर्ताओं ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस का पक्ष: सिविल लाइन थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।