जबलपुर। संस्कारधानी के युवा गायक तनिष्क शुक्ला ने अपनी शानदार गायकी से देशभर में जबलपुर का नाम रोशन किया है। देश के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो इंडियन आइडल सीजन-16 के फिनाले में तनिष्क ने फर्स्ट रनर-अप का खिताब हासिल किया।
शो की विजेता ओडिशा की ज्योतिर्मयी नायक रहीं। वहीं, तनिष्क शुक्ला ने पूरे सीजन में अपनी दमदार आवाज, शानदार सुरों और भावनात्मक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।
मेहनत और संघर्ष का मिला बड़ा परिणाम
तनिष्क की इस कामयाबी के पीछे वर्षों की मेहनत और लगातार संघर्ष छिपा है। उन्होंने मुश्किल दौर में भी संगीत का साथ नहीं छोड़ा। चिंता जैसी समस्या से जूझने के बावजूद उन्होंने संगीत को अपनी ताकत बनाया और लगातार रियाज करते रहे।
उनकी कहानी बताती है कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अगर मेहनत और जुनून कायम रहे तो सफलता जरूर मिलती है।
सुरों से बनाई अलग पहचान
इंडियन आइडल के मंच पर तनिष्क ने हर बार अपनी गायकी का नया रंग दिखाया। रोमांटिक गीतों से लेकर सूफी संगीत और पुराने सदाबहार गीतों तक, उन्होंने अलग-अलग शैलियों में शानदार प्रस्तुतियां दीं।
उनकी सादगी, सुरों पर पकड़ और भावनात्मक गायकी ने दर्शकों के साथ-साथ निर्णायकों को भी प्रभावित किया। लगातार दर्शकों का समर्थन मिलने के बाद तनिष्क फिनाले तक पहुंचे और फर्स्ट रनर-अप बनकर अपनी खास पहचान बनाई।
शतरंज से संगीत तक का सफर
बचपन में तनिष्क को शतरंज खेलने का शौक था और उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा भी लिया। बाद में उन्होंने संगीत को अपना जुनून बनाया।
वर्ष 2021 में उन्होंने जबलपुर के संगीत गुरु प्रकाश वेरुलकर से संगीत की विधिवत शिक्षा लेना शुरू किया। इसके बाद लगातार रियाज और गुरु के मार्गदर्शन ने उनकी गायकी को नई दिशा दी।
बादशाह ने दिया खास सम्मान
शो के दौरान रैपर और जज बादशाह भी तनिष्क की मेहनत और संघर्ष से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने तनिष्क को ‘तनिष्क फाइटर’ लिखा हुआ विशेष माइक भेंट किया।
इंडियन आइडल-16 में फर्स्ट रनर-अप बनकर तनिष्क शुक्ला ने जबलपुर और मध्य प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है। उनकी यह सफलता आने वाले युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।