भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आज, लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था, कड़ी सुरक्षा के बीच निकली भव्य शोभायात्रा
पुरी (ओडिशा)। भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा आज पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गई। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भव्य रथों पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुए। इस ऐतिहासिक यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए और "जय जगन्नाथ" के जयघोष से पूरा पुरी भक्तिमय हो उठा।
रथयात्रा की शुरुआत पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बाद हुई। तीनों विशाल लकड़ी के रथों को हजारों श्रद्धालुओं ने रस्सियों से खींचकर आगे बढ़ाया। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में रथ खींचने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस, अर्धसैनिक बल और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरे मार्ग पर तैनात हैं। ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
रथयात्रा केवल पुरी तक सीमित नहीं है। देश के कई शहरों में भी भगवान जगन्नाथ की भव्य शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं। दिल्ली, अहमदाबाद, मंगलुरु समेत विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्सव में शामिल होकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं।
हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का विशेष महत्व माना जाता है। यह यात्रा भगवान के भक्तों के बीच आने और सभी को समान रूप से दर्शन देने का प्रतीक मानी जाती है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा बहुदा यात्रा के माध्यम से पुनः श्रीमंदिर लौटेंगे।