जबलपुर। गोरखपुर थाना पुलिस पर एक युवक ने थाने के भीतर मारपीट करने का आरोप लगाया है। रामपुर निवासी 40 वर्षीय सतीश सोनकर का कहना है कि आबकारी अधिनियम से जुड़े एक मामले में खुद थाने पहुंचने के बाद उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई, जिससे उसके पैरों में गंभीर सूजन आ गई और चलने-फिरने में परेशानी हो रही है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया है।
सतीश सोनकर का आरोप है कि थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों ने उससे पैसों की मांग की थी। पैसे नहीं देने पर उसके साथ डंडों से मारपीट की गई। उसका दावा है कि मारपीट के कारण उसके पैर में गंभीर चोट आई है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद पुलिस ने सतीश के खिलाफ अवैध शराब का मामला दर्ज किया और उससे 20 हजार रुपए भी लिए गए। परिवार का कहना है कि शरीर पर चोट के निशान पूरी घटना की गवाही दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पुलिस सोमवार को रामपुर स्थित महर्षि स्कूल के पास कार्रवाई करने पहुंची थी, जहां एक युवक को हिरासत में लिया गया। इसी दौरान सतीश सोनकर भी थाने पहुंचा था। उसका आरोप है कि बातचीत के बहाने उसे अंदर बुलाया गया और बाद में उसके साथ मारपीट की गई।
वहीं गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सतीश सोनकर और उसके साथी को अवैध शराब के साथ पकड़ा गया था। उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और युवक सामान्य रूप से चल-फिर सकता है। थाना प्रभारी के अनुसार सतीश जिलाबदर का आरोपी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।