जबलपुर। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बावजूद जबलपुर के चार प्रमुख शिक्षण संस्थानों में ई-हाजिरी व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार प्रांतीय राज्य शिक्षण महाविद्यालय, राज्य विज्ञान शिक्षण संस्थान, मनोविज्ञान संगठन महाविद्यालय और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी "हमारे शिक्षक" ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। जबकि शासन ने सभी कर्मचारियों के लिए ई-हाजिरी अनिवार्य कर दी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही वेतन जारी किया जाएगा। जिस दिन कोई कर्मचारी ई-हाजिरी दर्ज नहीं करेगा, उसे अनुपस्थित माना जाएगा और उसके वेतन में कटौती की जा सकती है।
शासन ने यह भी चेतावनी दी है कि बिना ई-हाजिरी के वेतन बिल तैयार करने वाले आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से अनिवार्य रूप से ई-हाजिरी लगवाने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार इन संस्थानों में नियमों की अनदेखी और अनुशासनहीनता की शिकायतें लगातार भोपाल भेजी जा रही हैं। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सिंह गहलोत ने कहा है कि शासन के निर्देशों का जिले में सख्ती से पालन कराया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।