जबलपुर - बेलखेड़ा थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसे शादी का झांसा देकर गुजरात ले जाया गया, जहां कई महीनों तक उसका शारीरिक शोषण किया गया। वहीं पीड़िता की नाबालिग बहन को भी आरोपी अपने कब्जे में रखे हुए हैं। मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता ज्योति गौंड (21) ने पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुसूचित जाति-जनजाति थाना और बेलखेड़ा थाना प्रभारी को शिकायत देकर बताया कि 6 फरवरी 2026 को सुरेंद्र पटेल नाम का युवक उसे बहला-फुसलाकर गुजरात के सूरत स्थित ताताथइयां क्षेत्र ले गया। वहां शादी का भरोसा देकर तीन महीने तक अपने साथ रखा और लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी उसके वीडियो भी बनाता था और परिवार को जान से मरवाने व एक्सीडेंट करवाने की धमकी देता था। किसी तरह वह आरोपी के चंगुल से निकलकर 26 मई 2026 को अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
पीड़िता ने शिकायत में यह भी बताया कि उसकी 16 वर्षीय छोटी बहन पूजा गौंड को भी प्रशांत पटेल नामक युवक गुजरात ले गया। आरोप है कि नाबालिग लड़की को जबरन अपने पास रखकर उसका शोषण किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने मंदिर में शादी करने का दावा किया है।
परिवार का कहना है कि ज्योति तो किसी तरह वापस आ गई, लेकिन पूजा अब भी आरोपियों के कब्जे में है।
परिजनों के अनुसार 7 फरवरी 2026 को बेलखेड़ा थाने में एफआईआर क्रमांक 0022/2026 भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत दर्ज की गई थी। साथ ही दोनों बहनों की गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी।
परिवार ने आरोप लगाया है कि जिस वाहन से दोनों बहनों को ले जाया गया था, उसका नंबर एमपी 20 JL 4921 होने के बावजूद उसे एफआईआर में शामिल नहीं किया गया। उनका कहना है कि अब तक पुलिस ने दोनों युवतियों की तलाश के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए हैं।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। परिवार का कहना है कि आरोपी एक स्थानीय भाजपा नेता के रिश्तेदार हैं, जिसके कारण पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही।
परिजनों के मुताबिक उन्होंने 181 सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश देने के बजाय परिवार पर ही शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।