जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल के भोपाल और कोटा स्थित रेल कारखानों में कोच और वैगनों के पीरियोडिक ओवरहॉलिंग (POH) कार्य में लगातार बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया जा रहा है। मुख्य कारखाना प्रबंधकों के मार्गदर्शन में अनुरक्षण डिपो ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले ही महीने में सराहनीय उपलब्धि हासिल की है।
अप्रैल में बढ़ा कामकाज
अप्रैल माह में पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत सीआरडब्ल्यूएस भोपाल और डब्ल्यूआरएस कोटा में कुल 709 कोच और वैगनों का ओवरहॉलिंग किया गया। इसमें भोपाल कारखाने ने 101 कोच और कोटा कारखाने ने 608 वैगनों का अनुरक्षण किया। पिछले वर्ष अप्रैल में 96 कोच और 600 वैगनों का काम हुआ था, जिसके मुकाबले इस बार बेहतर प्रदर्शन रहा।
पिछले साल बनाया रिकॉर्ड
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन कारखानों ने कुल 8725 कोच और वैगनों का ओवरहॉलिंग कर रिकॉर्ड बनाया। इसमें भोपाल कारखाने ने 1336 कोच और कोटा कारखाने ने 7389 वैगनों की मरम्मत की।
ओवरहॉलिंग में क्या-क्या होता है
पीओएच के दौरान कोच और वैगनों की बॉडी और अंडरगियर की मरम्मत की जाती है, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित होती है। बोगी, ट्रॉली और एयर ब्रेक सिस्टम के सभी हिस्सों को दुरुस्त किया जाता है। साथ ही बफर, पहिए और एक्सल की जांच व मरम्मत कर यात्रा को सुरक्षित और झटके रहित बनाया जाता है।
रेल अधिकारियों के अनुसार, यह लगातार सुधार यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर रेल संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।