जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल की ट्रेनों में एक बार फिर किन्नरों की टोलियां सक्रिय हो गई हैं, जो यात्रियों से जबरन पैसे वसूलकर हंगामा कर रही हैं। शुक्रवार को ऐसे ही एक मामले में आरपीएफ ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब को सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 22909 वलसाड-पुरी एक्सप्रेस के जनरल कोच में कुछ लोग यात्रियों से जबरदस्ती पैसे मांग रहे हैं और विरोध करने पर अभद्रता कर रहे हैं। शिकायत मिलते ही आरपीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार, आरक्षक हरिकेश दुबे, सूर्यनाथ यादव और शत्रुघन सिंह की टीम ने जबलपुर स्टेशन और आउटर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान आरपीएफ को देखते ही तीन संदिग्ध भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से ट्रेनों में सक्रिय हैं और यात्रियों से जबरन वसूली करते थे, जिससे यात्रियों में डर का माहौल बन गया था।
इन रूट्स पर ज्यादा सक्रिय गिरोह
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और इटारसी के बीच ट्रेनों में ज्यादा सक्रिय रहता है। कार्रवाई के दौरान कुछ समय के लिए गायब हो जाता है और फिर दोबारा सक्रिय हो जाता है।
आरपीएफ ने बेलमकोन्डा दिनेश उर्फ बी. नीलीमा (43) निवासी गुंटूर (आंध्रप्रदेश) को गिरफ्तार किया है, जो जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र में बाबा टोला, हनुमान मंदिर के पास रह रही थी। इसके अलावा काली किन्नर (42) और बबली (52) को भी पकड़ा गया है, जो इटारसी में नूरानी मस्जिद के पास रहते हैं।
तीनों आरोपियों ने अपने गुरु का नाम रेशमा खान बताया है। तीनों के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। आरपीएफ अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।