जबलपुर। नर्मदा के प्रमुख आस्था स्थल ग्वारीघाट सहित अन्य घाटों पर महिलाओं को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। खासकर कपड़े बदलने के लिए सुरक्षित चेंजिंग रूम की कमी महिलाओं के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है।
घाटों पर भीड़ होने के बावजूद चेंजिंग रूम या तो बहुत कम हैं या उनकी हालत खराब है। कई जगह गंदगी और अतिक्रमण के कारण महिलाएं असहज महसूस करती हैं, जिससे उनकी निजता भी प्रभावित होती है।
नगर निगम ने 2022 से 2025 के बीच नए चेंजिंग रूम बनाने और पुरानी बसों को उपयोग में लाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब तक इसका असर जमीन पर नजर नहीं आया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि सिर्फ घोषणाएं हुईं, सुविधाएं नहीं मिलीं।
त्योहारों और खास मौकों पर जब भीड़ बढ़ती है, तब यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कई महिलाओं को मजबूरी में अस्थायी इंतजाम करने पड़ते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और सम्मान पर असर पड़ता है।
अब जरूरत है कि प्रशासन इस ओर जल्द ध्यान दे और महिलाओं के लिए सुरक्षित और साफ-सुथरे चेंजिंग रूम की व्यवस्था करे।