जबलपुर- सड़कों को व्यवस्थित करने और स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य को लेकर नगर निगम और पथ विक्रेताओं के बीच अहम बैठक हुई। निगमायुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त (बाजार) अंजू ठाकुर ने शहर के अलग-अलग बाजारों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
बैठक में यह सहमति बनी कि शहर की सुंदरता बनाए रखते हुए विक्रेताओं की रोज़ी-रोटी भी सुरक्षित रहेगी। रांझी, गोरखपुर, अधारताल, ग्वारीघाट और गढ़ा जैसे प्रमुख बाजारों के प्रतिनिधियों ने तय किया कि सभी ठेला और सब्जी विक्रेता निगम द्वारा तय सीमाओं के भीतर ही अपना काम करेंगे।
विक्रेताओं की मांग पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र लोगों को पहचान पत्र और विक्रेता प्रमाण पत्र जल्द दिए जाएं, ताकि वे बिना डर के काम कर सकें। साथ ही यह भी तय हुआ कि यदि कोई दुकान सड़क पर बाधा बनेगी, तो विक्रेता खुद उसे हटाएंगे।
बैठक में श्रम विभाग की योजनाओं की भी जानकारी दी गई। सहायक श्रम आयुक्त पवन मंडोत ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत 60 साल की उम्र के बाद पंजीकृत पथ विक्रेताओं को हर महीने 3000 रुपये पेंशन मिलेगी। इस योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष के ऐसे श्रमिक ले सकते हैं, जिनकी आय 15 हजार रुपये से कम है और जो पीएफ या ईएसआईसी से जुड़े नहीं हैं।
निगम ने सभी योग्य विक्रेताओं से इस योजना में पंजीयन कराने की अपील की। बैठक में अतिक्रमण निरोधक अधिकारी और विभिन्न बाजारों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।