नई दिल्ली। पीयूष गोयल ने खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि खेल से जुड़े सभी बौद्धिक संपदा (IP) रजिस्ट्रेशन—जैसे ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट, डिजाइन और जीआई—अब अगले 3 साल तक पूरी तरह शुल्क मुक्त रहेंगे। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
यह घोषणा विश्व बौद्धिक संपदा दिवस के अवसर पर की गई, जहां इस बार का थीम “आईपी और खेल: तैयार, शुरू, नवाचार!” रखा गया था। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य खेल क्षेत्र में नए आइडिया और इनोवेशन को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि सरकार केवल फीस माफ नहीं कर रही, बल्कि इनोवेटर्स, छात्रों और कारीगरों को आईपी रजिस्ट्रेशन में मदद भी दी जाएगी। इससे लोग अपने आइडिया को सुरक्षित कर सकेंगे और उसे आर्थिक संपत्ति में बदल पाएंगे।
गोयल ने कश्मीर विलो क्रिकेट बैट का उदाहरण देते हुए कहा कि यह भारत की कारीगरी और बौद्धिक संपदा की ताकत का प्रतीक है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने और जम्मू-कश्मीर में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।
मंत्री ने मेरठ और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने की बात भी कही। उनका कहना है कि देश में खेल उपकरणों का उत्पादन बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने “नवाचार करो, पेटेंट कराओ, उत्पादन करो” का मंत्र देते हुए युवाओं को नए आइडिया विकसित करने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ‘विकसित भारत डिजिटल मैट्रिक्स 2026’ हैकाथॉन भी लॉन्च किया, जो स्मार्ट वियरेबल्स पर केंद्रित है।
सरकार का मानना है कि खेल अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक सेक्टर बन चुका है। ऐसे में यह कदम देश में इनोवेशन, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा।