नरेंद्र मोदी बुधवार 29 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने भगवान शिव का अभिषेक और आरती की। पीएम के पहुंचते ही मंदिर परिसर में डमरू और शंखनाद की गूंज सुनाई दी और भक्तों ने “हर हर महादेव” के जयकारे लगाए। प्रशासन की ओर से उन्हें त्रिशूल और डमरू भेंट किया गया।
मंदिर दर्शन के बाद प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना हुए, जहां वे देश के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है और इसकी लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है। इसे 6 लेन के रूप में बनाया गया है, जिसे आगे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से लेकर प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ता है, जिनमें बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ शामिल हैं। इस परियोजना से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा समय 10-12 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा।
सरकार के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे न केवल बेहतर कनेक्टिविटी देगा बल्कि यह एक बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में भी काम करेगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपने उत्पादों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच आसान होगी। प्रधानमंत्री हरदोई में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।