जबलपुर। जस्टिस को फोन करने के मामले में भाजपा विधायक संजय पाठक मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश हुए। इस दौरान मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में चल रहा है, इसलिए वे कुछ नहीं कहेंगे।
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट ने व्हिसलब्लोअर आशुतोष दीक्षित को इस मामले में मदद करने की अनुमति दी है। साथ ही अगली सुनवाई 14 मई तय की गई है।
सुनवाई के दौरान संजय पाठक ने अगली तारीख पर पेशी से छूट मांगी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अब उन्हें 14 मई को भी कोर्ट में उपस्थित होना होगा।
इससे पहले पिछली सुनवाई में विधायक ने बिना शर्त माफी मांगी थी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला भी दर्ज किया है।
यह पूरा मामला तब सामने आया था, जब एक केस की सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा था कि विधायक ने उन्हें फोन करने की कोशिश की थी। इसके बाद उन्होंने खुद को मामले से अलग कर लिया और केस को चीफ जस्टिस को भेज दिया।
बताया जा रहा है कि यह विवाद खनन कंपनी से जुड़े मामले से संबंधित है। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए आगे की सुनवाई जारी रखी है।