पंचांग के अनुसार, आज यानी 19 जनवरी से गुप्त नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस दौरान मौन, जप और ध्यान को अधिक महत्व दिया जाता है। इन नौ दिनों में मां मातंगी, काली, बगलामुखी, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, और मां कमला की पूजा-अर्चना करने का विधान है। देवी की साधना करने से का शुभ फल प्राप्त होता है। गुप्त नवरात्र के दिन पहले दिन घटस्थापना होती है। इस दिन कई योग बन रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग के बारे में।
तिथि: शुक्ल प्रतिपदा
मास पूर्णिमांत: माघ
दिन: सोमवार
संवत्: 2082
तिथि: शुक्ल प्रतिपदा – 20 जनवरी को रात्रि 02 बजकर 14 मिनट तक
योग: वज्र – रात्रि 08 बजकर 45 मिनट तक
कण: किंस्तुघ्न – दोपहर 01 बजकर 50 मिनट तक
करण व – 20 जनवरी को रात्रि 02 बजकर 14 मिनट तक
सूर्दय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: प्रातः 07 बजकर 14 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 49 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: प्रातः 07 बजकर 40 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: सायं 06 बजकर 20 मिनट पर
घटस्थापना समय (Gupt Navratri 2026 Ghatasthapana Timing)
घटस्थापना समय का 19 जनवरी को सुबह 07 बजकर 14 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक है।
अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय घटस्थापना कर सकते हैं।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक
अमृत काल: 20 जनवरी को रात्रि 02 बजकर 10 मिनट से रात्रि 03 बजकर 51 मिनट तक
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आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 08 बजकर 34 बजे से प्रातः 09 बजकर 53 बजे तक
गुलिकाल: दोपहर 01 बजकर 51 बजे से सायं 03 बजकर 11 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 11 बजकर 13 बजे से दोपहर 12 बजकर 32 बजे तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव उत्तराषाढ़ नक्षत्र में रहेंगे।
उत्तराषाढ़ नक्षत्र: दोपहर 11 बजकर 52 मिनट तक
सामान्य विशेषताएं: परिश्रमी, धैर्यवान, मजबूत, गठीला शरीर, लंबी नाक, तीखे नयन-नक्श, दयालु, अच्छे भोजन और संगति के शौकीन, ईमानदार, विश्वसनीय, बुद्धिमान और दूरदर्शी
नक्षत्र स्वामी: सूर्य देव
राशि स्वामी: बृहस्पति देव, शनि देव
देवता: विश्वदेव (अप्रतिद्वंद्वी विजय के देवता)
प्रतीक: हाथी का दांत या छोटा बिस्तर